दफ्तर जाने से पहले आँखों में आंसू: क्या कॉरपोरेट बर्नआउट पुरुषों की मानसिक सेहत छीन रहा है?

काम की शिफ्ट शुरू होने से पहले घबराहट और रोना — जानिए क्यों युवा कर्मचारी झेल रहे हैं एंग्जायटी का नया दौर।
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आजकल दफ्तर का काम सिर्फ 9 से 5 की डेस्क जॉब नहीं रह गया है, बल्कि यह बहुत से लोगों के लिए मानसिक तनाव का कारण बनता जा रहा है। हाल ही में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है जहाँ एक कर्मचारी ने अपनी व्यथा साझा करते हुए बताया कि कैसे वह हर दिन अपनी शिफ्ट शुरू होने से पहले घर पर बैठकर रोने की हालत में पहुँच जाता है। ताज्जुब की बात यह है कि उसकी नौकरी में कोई बहुत ज्यादा काम का बोझ नहीं है, फिर भी दफ्तर जाने का डर उसे अंदर ही अंदर खाए जा रहा है।

यह कहानी किसी एक इंसान की नहीं, बल्कि आज के दौर के लाखों कॉरपोरेट कर्मचारियों की कड़वी सच्चाई बन चुकी है। काम शुरू होने से पहले की जाने वाली इस घबराहट को विशेषज्ञ 'एंटीसिपेटरी एंग्जायटी' कहते हैं। कर्मचारी का कहना है कि वह पूरे हफ्ते सिर्फ शनिवार और रविवार का इंतजार करता है, लेकिन वीकेंड आते-आते उसका दिमाग इतना थक चुका होता है कि वह चाहकर भी अपनी निजी जिंदगी का आनंद नहीं ले पाता।

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इस मामले ने कॉरपोरेट संस्कृति और पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य पर एक नई बहस छेड़ दी है। समाज में अक्सर यह माना जाता है कि पुरुषों को अपनी भावनाएं छुपानी चाहिए, लेकिन इस घटना पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं। एक टिप्पणीकार ने कहा, 'पुरुष होने का मतलब यह नहीं है कि आप इंसान नहीं हैं। अगर काम का दबाव आपके दिमाग पर हावी हो रहा है तो रोना और अपनी भावनाएं व्यक्त करना बिल्कुल सामान्य है।'

वहीं, कुछ अन्य लोगों का मानना है कि केवल दुखी होने से समस्या का समाधान नहीं निकलेगा। एक अन्य पेशेवर ने सलाह देते हुए कहा, 'अगर कोई आसान दिखने वाली नौकरी भी आपको मानसिक रूप से तोड़ रही है, तो इसका मतलब है कि आपको तुरंत थेरेपिस्ट से सलाह लेनी चाहिए या उस जगह को छोड़कर नई नौकरी ढूंढनी चाहिए। अपने शरीर और दिमाग के संकेतों को नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है।'

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यह घटना साफ दर्शाती है कि आज की कॉरपोरेट लाइफ में बर्नआउट किस कदर हावी हो चुका है। लोग अपनी नौकरियों से सिर्फ पैसा नहीं कमा रहे, बल्कि अपनी शांति भी गंवा रहे हैं। क्या पुरुषों का दफ्तर के तनाव में रोना जायज है या उन्हें व्यावहारिक बनकर नई राह चुननी चाहिए?

इसी गरमा-गरम मुद्दे पर हमारी शो 'बॉसगिरी' के होस्ट्स रिया और रोहित ने तीखी बहस की है, सुनिए पूरा एपिसोड।

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