कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट को 2 साल तक नहीं मिली आईटी जॉब, फिर ऐसे बदली किस्मत; स्टोर में खुद के ही थैले के लिए बनना पड़ा 'चोर'!

जब आईटी सेक्टर के दरवाजे बंद हुए तो सरकारी स्कूल में मिली एंट्री, और शॉपिंग स्टोर के बाहर महिला कर्मचारी का हाई-वोल्टेज ड्रामा!
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कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट को 2 साल तक नहीं मिली आईटी जॉब, फिर ऐसे बदली किस्मत; स्टोर में खुद के ही थैले के लिए बनना पड़ा 'चोर'! · Avonetics

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कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई पूरी करने के बाद हर युवा का सपना होता है कि उसे किसी बड़ी टेक कंपनी में लाखों का पैकेज मिले। लेकिन आज का जॉब मार्केट इतना आसान नहीं है। 2024 में ग्रेजुएट हुए एक युवा ने जब अपनी आपबीती साझा की, तो कॉर्पोरेट जगत की कड़वी सच्चाई सामने आ गई। दो साल तक सैकड़ों रिजेक्शन झेलने और लोन चुकाने के लिए रिटेल स्टोर में काम करने के बाद, इस युवा ने हार नहीं मानी और एक नया रास्ता चुना।

आमतौर पर युवा लिंक्डइन और इंडीड जैसे बड़े जॉब पोर्टल्स पर दिन-रात रिज़्यूमे भेजते रहते हैं। लेकिन इस युवा ने अपनी रणनीति बदलते हुए सीधे सरकारी और निजी संस्थाओं की आधिकारिक वेबसाइटों पर जाकर आवेदन करना शुरू किया। नतीजा यह हुआ कि उसे पब्लिक एजुकेशन सेक्टर में एक बेहतरीन फुल-टाइम जॉब का ऑफर मिल गया, जिसमें सभी कॉर्पोरेट बेनिफिट्स शामिल हैं।

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इस घटना पर कामकाजी लोगों की राय दो हिस्सों में बंट गई है। एक सीनियर डेवलपर ने कहा, 'आजकल जॉब पोर्टल्स पर एक-एक सीट के लिए हजार-हजार आवेदन आते हैं। सीधे पोर्टल से अप्लाई करना ही सबसे स्मार्ट तरीका है।' वहीं दूसरे आलोचक का तर्क था, 'दो साल के लंबे समय में सिर्फ 300 या 400 आवेदन भरना बहुत कम है। अगर आईटी में जाना था तो लगातार प्रयास करने चाहिए थे।'

कहानी यहीं खत्म नहीं होती। दफ्तर और रिटेल लाइफ का ड्रामा तब और मजेदार हो गया जब यही युवक एक सुपरमार्केट में खरीदारी करने पहुंचा। वह अपना पुराना Reusable थैला साथ लेकर गया था, जिसे उसने कुछ हफ्ते पहले उसी स्टोर से खरीदा था। खरीदारी के बाद जब वह अपनी कार में बैठा, तो स्टोर की एक महिला कर्मचारी ने कार का शीशा खटखटाकर उस पर थैला चोरी करने का आरोप लगा दिया।

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युवक ने शांति से काम लेते हुए मैनेजर के सामने पूरी बात रखी और साबित कर दिया कि थैला उसका अपना ही था। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए एक अन्य प्रोफेशनल ने कहा, 'रिटेल स्टोर्स में ग्राहकों पर बिना सबूत शक करना आम बात हो गई है, लेकिन शांति से मैनेजर से बात करना ही सबसे सही कदम था।'

नौकरी के इस अनूठे संघर्ष और ऑफिस गॉसिप पर हमारे शो 'बॉसगिरी' के लेटेस्ट एपिसोड में रिया और रोहित ने तीखी बहस की है, जिसे आपको जरूर सुनना चाहिए।

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