85 वर्षीय दादी की दर्दनाक हत्या ने पूरे शहर को झकझोरा: डीएनए जांच से पकड़ा गया दरिंदा, सरकारी वकील ने मांगी मौत की सजा

ओक्लाहोमा सिटी में क्रिसमस से ठीक पहले हुई इना बाल्च की नृशंस हत्या ने कानून और न्याय की बहस को फिर गरमा दिया है।
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ओक्लाहोमा सिटी में क्रिसमस की तैयारियाँ चल रही थीं। 85 वर्षीय इना बाल्च अपने परिवार के साथ हँस-बोल रही थीं और अगले दिन शहर की रंग-बिरंगी क्रिसमस लाइट्स देखने जाने के लिए बेहद खुश थीं। उनकी पोती मेलिसा ने उन्हें एक नया आरामदेह सोफा उपहार में दिया था। लेकिन किसी को अंदाज़ा नहीं था कि खुशियों की यह रात एक भयानक खौफनाक मंजर में बदलने वाली है।

अगले दिन जब इना का बेटा उन्हें लेने पहुँचा, तो घर के अंदर का नज़ारा देखकर उसके पैर तले ज़मीन खिसक गई। इना अपने बिस्तर पर मृत पड़ी थीं। उनके हाथ-पैर उन्हीं के कपड़ों से बांध दिए गए थे और उनके साथ अमानवीय बर्बरता की गई थी। अंदरूनी चोटों और टूटी हुई हड्डी के कारण अत्यधिक खून बहने से उनकी जान चली गई थी।

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पुलिस ने तुरंत तफ्तीश शुरू की और क्राइम सीन से डीएनए नमूने बरामद किए। जब इन नमूनों को राष्ट्रीय डेटाबेस में डाला गया, तो तार 33 वर्षीय कॉर्डेल विल्सन से जुड़े। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उस पर हत्या और गंभीर यौन उत्पीड़न के मुकदमे दर्ज किए हैं।

इस जघन्य अपराध की गंभीरता को देखते हुए ओक्लाहोमा काउंटी की जिला अटॉर्नी विकी जेम्प बिहेना ने कोर्ट से आरोपी के लिए मृत्युदंड की मांग करने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि यह फैसला बहुत सोच-समझकर और मामले की विचलित कर देने वाली परिस्थितियों को देखकर लिया गया है।

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इस घटना ने आम जनता को गहरा सदमा पहुँचाया है। एक टिप्पणीकार ने कहा कि जब डीएनए सबूत इतने पक्के हैं, तो ऐसे दरिंदे को तुरंत फांसी की सजा मिलनी चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। वहीं एक अन्य व्यक्ति का मानना था कि यद्यपि यह अपराध बेहद घिनौना है, लेकिन न्याय व्यवस्था को बिना पैरोल के आजीवन कारावास पर भी विचार करना चाहिए।

इना का परिवार आज भी इस सदमे से उबर नहीं पाया है। पोती मेलिसा के मन में यह कसक रह गई कि वह आखिरी बार अपनी दादी से थोड़ी और देर बात क्यों नहीं कर सकी।

इस दर्दनाक कहानी के कानूनी पहलुओं और न्याय की जंग पर हमारे पॉडकास्ट 'सुराग' के इस नए एपिसोड में होस्ट्स ने तीखी बहस की है।

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