'मैं बेगुनाह हूँ': इदाहो छात्र मर्डर केस के दोषी ब्रायन कोहबर्गर ने बदला बयान, वकीलों पर लगाए गंभीर आरोप

'मैं बेगुनाह हूँ': इदाहो छात्र मर्डर केस के दोषी ब्रायन कोहबर्गर ने बदला बयान, वकीलों पर लगाए गंभीर आरोप · Avonetics
अमेरिका के बहुचर्चित इदाहो विश्वविद्यालय छात्र हत्याकांड में एक नया और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। चार सहपाठियों की जघन्य हत्या के आरोप में चार बार उम्रकैद की सजा काट रहे ब्रायन कोहबर्गर ने दावा किया है कि वह पूरी तरह से निर्दोष है। जेल से एक मीडिया संस्थान को दिए साक्षात्कार में उसने अपने पूर्व कानूनी कुबूलनामे को वापस लेने की मांग की है।
ब्रायन का कहना है कि उसने यह याचिका दबाव और अपने वकीलों द्वारा दिए गए गलत आश्वासनों के कारण स्वीकार की थी। उसने अदालत में एक हस्तलिखित याचिका दायर की है, जिसमें अपनी बचाव पक्ष की कानूनी टीम पर भारी लापरवाही और अक्षमता का आरोप लगाया गया है। उसका दावा है कि वकीलों ने उसे मौत की सजा से बचाने का डर दिखाकर झूठा जुर्म कुबूल करवाया।
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दायर की गई अर्जी के अनुसार, ब्रायन का आरोप है कि जांच के दौरान पीड़ित छात्र एथन चैपिन के हाथों में मिले अज्ञात बालों के गुच्छे जैसे महत्वपूर्ण रक्षात्मक सबूतों की अनदेखी की गई। इसके अलावा, उसके वकीलों ने उसे आश्वासन दिया था कि जेल में उसकी दिनचर्या, काम करने के अवसर और परिवार से मुलाकात की शर्तें काफी आसान होंगी।
इस घटनाक्रम ने आम जनता और कानूनी विशेषज्ञों के बीच एक तीखी बहस को जन्म दे दिया है। एक पर्यवेक्षक का कहना है कि यह केवल ध्यान आकर्षित करने और जेल की कठोर परिस्थितियों से राहत पाने की एक हताश कोशिश है। उनका मानना है कि ब्रायन के खिलाफ डिजिटल डेटा और फॉरेंसिक सबूत इतने मजबूत हैं कि इस तरह की याचिका का टिकना असंभव है।
Your brand, right here.Reach story-obsessed listeners in 45+ languages → advertise on Avoneticsदूसरी तरफ, कानूनी बारीकियों पर नजर रखने वाले कुछ लोगों का तर्क है कि यदि बचाव पक्ष के वकीलों ने महत्वपूर्ण सबूतों को छुपाया या मुवक्किल को गलत जानकारी दी, तो यह निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार का उल्लंघन है। उनका कहना है कि चाहे आरोपी कितना भी संदिग्ध क्यों न हो, न्याय प्रक्रिया का पारदर्शी होना अनिवार्य है।
फिलहाल, अदालत ने इस नई याचिका पर अपना रुख साफ नहीं किया है, लेकिन इस घटना ने इदाहो केस की राख में छिपी चिंगारी को एक बार फिर हवा दे दी है।
इस रहस्यमय घटनाक्रम के पीछे के कानूनी दांव-पेंचों और अनसुलझे सवालों पर हमारे पोडकास्ट के मेजबान विस्तार से चर्चा कर रहे हैं।