बॉडीबिल्डिंग सीक्रेट रूम में हुआ हंगामा: जब हैवी सप्लीमेंट्स की चर्चा के बीच उठा कैलोरी ऐप का सवाल!

एक्सट्रीम फिटनेस और बॉडीबिल्डिंग के कड़े नियमों वाले गुप्त ग्रुप में एक साधारण सवाल ने खोल दी आज के जिम कल्चर की पोल।
Hindi

बॉडीबिल्डिंग सीक्रेट रूम में हुआ हंगामा: जब हैवी सप्लीमेंट्स की चर्चा के बीच उठा कैलोरी ऐप का सवाल! · Avonetics

🎧 Listen to this episode
Closes with the original song “शोर कम कर”. · Plays on Spotify · Open on Spotify ↗
Sponsored
Volicci custom graphic tees, hoodies & die-cut stickers, a fresh original design every day. Learn more →

फिटनेस की दुनिया में इन दिनों एक अजीब सा ट्रेंड देखने को मिल रहा है। हर कोई रातों-रात मसल्स बनाना चाहता है और इसके लिए लोग किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। लेकिन जब बुनियादी ज्ञान की बात आती है, तो बड़े-बड़े धुरंधर भी शून्य नजर आते हैं। ऐसा ही एक दिलचस्प वाकया हाल ही में बॉडीबिल्डिंग के एक बेहद सीक्रेट और गुप्त संवाद मंच पर देखने को मिला।

यह गुप्त मंच हर शनिवार को एक विशेष सत्र आयोजित करता है, जिसे 'स्टेरॉयड सैटरडे' कहा जाता है। नियम बेहद सख्त हैं—कोई भी गैर-कानूनी सामान खरीदने या बेचने की बात नहीं करेगा, आपस में कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं होगा और चर्चा सिर्फ प्रतियोगिता की तैयारी, सप्लीमेंट साइकल और डाइट बदलावों पर केंद्रित होगी। पूरे सत्र में माहौल बेहद गंभीर था और देश-विदेश के अनुभवी बॉडीबिल्डर्स अपनी-अपनी राय रख रहे थे।

Read nextकैंसर के खिलाफ महाक्रांति: मर्सिसाइड की महिला को लगा दुनिया का पहला पर्सनलाइज्ड डीएनए वैक्सीन!

तभी अचानक इस गंभीर माहौल में एक नया मोड़ आया। एक सदस्य ने सत्र के ठीक बीच में एक ऐसा सवाल पूछ लिया जिसने वहां मौजूद हर अनुभवी कोच को हैरान कर दिया। उसने पूछा कि अपनी रोजाना की कैलोरी ट्रैकिंग के लिए कौन सा मोबाइल ऐप सबसे अच्छा रहेगा?

इस सवाल ने तुरंत दो गुटों में बहस छेड़ दी। एक ओर जहां अनुभवी लोगों का कहना था कि बेसिक न्यूट्रिशन सीखे बिना ऐसे एडवांस और कड़े ग्रुप्स में आना बेवकूफी है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोगों का मानना था कि कम से कम यह नया सदस्य सही शुरुआत कर रहा है। एक टिप्पणीकार ने कहा कि ज्यादातर लोग जिम में भारी वजन तो उठा लेते हैं, लेकिन उन्हें यह भी नहीं पता होता कि वे दिन भर में कितना प्रोटीन या कैलोरी ले रहे हैं।

Your brand, right here.Reach story-obsessed listeners in 45+ languages → advertise on Avonetics

दूसरे टिप्पणीकार ने तर्क दिया कि फिटनेस की दुनिया में शॉर्टकट की तलाश इतनी बढ़ गई है कि लोग बुनियादी भोजन का हिसाब रखे बिना ही सीधे सप्लीमेंट्स और इंजेक्शंस के बारे में सोचने लगते हैं। ऐसे में कैलोरी ट्रैकिंग ऐप पूछना वास्तव में एक सही और समझदारी भरा कदम है, भले ही वह जगह उसके लिए थोड़ी अजीब रही हो।

यह पूरी घटना आज के जिम कल्चर पर एक बड़ा सवाल खड़ा करती है। क्या हम बुनियादी बातों को भूलकर केवल बाहरी चमक-दमक के पीछे भाग रहे हैं? क्या बिना सही डाइट प्लान के जिम में पसीना बहाना केवल समय की बर्बादी है?

हमारे शो 'फिटनेस फाइल्स' के होस्ट्स इस पूरे ड्रामे और इसके पीछे छिपे फिटनेस के कड़वे सच पर अपनी बेबाक राय दे रहे हैं, जिसे आपको बिल्कुल मिस नहीं करना चाहिए।

0:00
0:00
Link copied ✓