लाडली बहन की जिद पर भारी पड़ी दीदी की 'ना': पानी की एक बोतल पर छिड़ा पारिवारिक घमासान!

लाडली बहन की जिद पर भारी पड़ी दीदी की 'ना': पानी की एक बोतल पर छिड़ा पारिवारिक घमासान! · Avonetics
घर में सबसे छोटे बच्चे को प्यार मिलना आम बात है, लेकिन जब यह प्यार सीमाएँ लांघकर अंधभक्ति बन जाए, तो रिश्ते बिगड़ने लगते हैं। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जहाँ एक 22 वर्षीय युवती ने अपनी 13 साल की छोटी बहन की हर ज़िद के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। वजह? माता-पिता की वह आदत, जिसके तहत उन्होंने कभी अपनी लाडली को 'ना' कहना सीखा ही नहीं।
युवती का दावा है कि उसकी बहन जो भी माँगती है—चाहे वह देर रात तक जगना हो, नया खिलौना हो या दूसरों के हिस्से का खाना—उसे तुरंत मिल जाता है। इस वजह से वह अत्यधिक जिद्दी हो चुकी है। इस आदत को तोड़ने के लिए बड़ी बहन ने तय किया कि वह हमेशा अपनी बहन को सिर्फ 'ना' ही कहेगी।
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विवाद तब बढ़ गया जब दोनों बाहर घूमने गई थीं। 13 वर्षीय बहन ने प्यास लगने पर पानी की एक बोतल माँगी। बड़ी बहन ने अपने नियम पर टिके रहते हुए साफ इनकार कर दिया और उसे घर पहुँचने तक प्यासा रहना पड़ा। घर लौटते ही माता-पिता ने बड़ी बहन को संवेदनहीन और क्रूर करार दिया।
इस घटना ने इंटरनेट पर एक नई बहस को जन्म दे दिया है। एक टिप्पणीकार ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पानी जैसी बुनियादी ज़रूरत से किसी बच्चे को वंचित करना अनुशासन नहीं बल्कि सजा देना है। प्यास बुझाना कोई विलासिता नहीं है जिसके लिए 'ना' कहा जाए।
Your brand, right here.Reach story-obsessed listeners in 45+ languages → advertise on Avoneticsदूसरी तरफ, कुछ लोगों ने माता-पिता की परवरिश शैली पर सवाल उठाए। एक अन्य व्यक्ति का कहना था कि यद्यपि पानी मना करना सही नहीं था, लेकिन जब माता-पिता बच्चे को सीमाएँ नहीं सिखाते, तो घर के बाकी सदस्यों को मजबूरी में सख्त होना पड़ता है। 13 साल की उम्र में बच्चे को अपनी ज़िम्मेदारी और ज़िद के अंतर को समझना ही चाहिए।
क्या एक बड़ी बहन का यह कठोर कदम जायज़ था या फिर अनुशासन के नाम पर यह सरासर ज़्यादती थी? हमारे पॉडकास्ट 'दिल का मामला' के नवीनतम एपिसोड में हमारे होस्ट्स ने इस चटपटे और उलझे हुए ड्रामे पर बेहद तीखी बहस की है।