सगाई की पार्टी से 12 साल पुराने बेस्ट फ्रेंड को किया बाहर: क्या बदल जाती है बचपन की दोस्ती?

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बचपन की दोस्ती और शादी के बड़े-बड़े वादे अक्सर समय की धूल में खो जाते हैं। एक 28 वर्षीय युवक की कहानी इन दिनों चर्चा में है, जिसकी 12 साल पुरानी सबसे अच्छी दोस्त की हाल ही में सगाई हुई। दोनों ने हाई स्कूल के दिनों से एक-दूसरे की शादी में खास भूमिका निभाने के सपने देखे थे, लेकिन हकीकत कुछ और ही निकली।
युवक का कहना है कि वे दोनों अपने-अपने काम में व्यस्त रहते थे और कई बार महीनों बात नहीं होती थी, लेकिन मिलने पर हमेशा वही पुराना अपनापन महसूस होता था। जब उसकी दोस्त की सगाई तय हुई, तो उसने खुद कहा था कि वह उसकी शादी में उसकी मौजूदगी के बिना जश्न की कल्पना भी नहीं कर सकती।
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लेकिन कुछ दिनों बाद जब युवक ने सोशल मीडिया पर सगाई की पार्टी की तस्वीरें देखीं, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। 'हमारे सबसे खास लोगों के साथ जश्न' के कैप्शन के साथ पोस्ट की गई तस्वीरों में वह कहीं नहीं था। उसे इस पार्टी में आमंत्रित ही नहीं किया गया था। इतना ही नहीं, आने वाली बैचलर्स पार्टी की लिस्ट में भी उसका नाम गायब दिखा।
इस घटना ने युवक को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या उनकी दोस्ती अब वैसी नहीं रही जैसी वह समझता था। वह समझ नहीं पा रहा कि क्या उसे अपनी दोस्त से इस बारे में खुलकर बात करनी चाहिए या फिर चुपचाप इस कड़वी हकीकत को स्वीकार कर लेना चाहिए।
इस मामले पर लोगों की अलग-अलग राय सामने आ रही है। एक टिप्पणीकार ने कहा कि महीनों बात न करने से लोग अपनी जिंदगी में आगे बढ़ जाते हैं और आप केवल एक 'पुराने दोस्त' बनकर रह जाते हैं, न कि रोजमर्रा के करीबी दोस्त। वहीं एक अन्य व्यक्ति का मानना था कि हो सकता है कि लड़की का होने वाला पति किसी पुरुष दोस्त की मौजूदगी को लेकर असुरक्षित हो।
Your brand, right here.Reach story-obsessed listeners in 45+ languages → advertise on Avoneticsदूसरी तरफ, कुछ लोगों का कहना है कि 12 साल के रिश्ते को इतनी आसानी से खारिज नहीं करना चाहिए। एक पाठक ने सलाह दी कि बिना कोई विवाद पैदा किए सीधे अपनी दोस्त से बात करनी चाहिए और पूछना चाहिए कि क्या सब कुछ ठीक है।
रिश्तों की यह पेचीदगी सिर्फ दोस्ती तक सीमित नहीं है। एक अन्य दर्दनाक घटना में एक नई मां ने बताया कि उसका पति उस पर बेवफाई का झूठा शक करता है, उसकी लोकेशन ट्रैक करता है और घर के काम में मदद करने के बदले रोज शारीरिक संबंध बनाने की शर्त रखता है।
इन उलझी हुई पारिवारिक कहानियों और रिश्तों के कड़वे सच पर हमारे शो 'दिल का मामला' के होस्ट्स ने क्या बेबाक राय दी, यह जानने के लिए पूरा एपिसोड जरूर सुनें!