टूटे नाखूनों का दर्द और कॉलेज ग्लो का झंझट: क्या आप भी कर रही हैं ये ब्यूटी गलतियां?

टूटे नाखूनों का दर्द और कॉलेज ग्लो का झंझट: क्या आप भी कर रही हैं ये ब्यूटी गलतियां? · Avonetics
अपनी खूबसूरती और ग्रूमिंग को लेकर हर कोई सतर्क रहता है, लेकिन अक्सर छोटी-छोटी ब्यूटी आदतें बड़ी उलझनों में बदल जाती हैं। कई लोग सालों की मेहनत के बाद नाखून चबाने की आदत छोड़ तो देते हैं, लेकिन जैसे ही उनके नाखून लंबे होते हैं, वे बीच से टूटने और बिखरने लगते हैं। इस समस्या से बचने के लिए महिलाएं अक्सर सेमी-क्योर्ड जेल स्ट्रिप्स या फेक नेल्स का सहारा लेती हैं।
हालांकि, यह अस्थायी उपाय कई बार नई मुसीबतें खड़ी कर देता है। जेल स्ट्रिप्स के किनारे जब ढीले पड़ने लगते हैं, तो बाल धोते या संवारते समय उनमें बाल उलझने लगते हैं, जिससे काफी दर्द और खीझ होती है। ब्यूटी जानकारों का कहना है कि ऐसी स्थिति में नाखूनों को डिहाइड्रेट करके सही बिल्डर जेल लगाना या फिर नेल ऑयल से जड़ों को पोषण देना ही असली समाधान है।
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दूसरी तरफ, कॉलेज जाने वाली युवा लड़कियों के सामने एक और बड़ा धर्मसंकट रहता है—चेहरे के एक्ने स्कार्स यानी मुहांसों के दाग-धब्बों को कैसे छुपाया जाए? भारी फाउंडेशन रोजाना लगाना स्किन के लिए नुकसानदेह हो सकता है, इसलिए स्किन टिंट और टिंटेड सनस्क्रीन के बीच का चुनाव हमेशा चर्चा में रहता है।
Your brand, right here.Reach story-obsessed listeners in 45+ languages → advertise on Avoneticsएक कमेंटेटर ने राय दी कि अगर आपकी प्राथमिकता दाग-धब्बों को छुपाना है, तो स्किन टिंट ज्यादा बेहतर कवरेज देता है। लेकिन अगर आप रोजाना की धूप से सुरक्षा के साथ हल्का और स्वाभाविक निखार चाहती हैं, तो टिंटेड सनस्क्रीन से बेहतर कुछ नहीं हो सकता।
स्टाइल और ब्यूटी की इन उलझनों पर हमारे पॉडकास्ट 'रूप रंग' के होस्ट्स ने एक तीखी और मनोरंजक बहस की है, जिसे आपको जरूर सुनना चाहिए।