36 बरखक 'छोरा' आ 38 बरखक 'माय': कि प्रेम में सेवा आ आर्थिक बोझ उठाएब सही अछि?

36 बरखक 'छोरा' आ 38 बरखक 'माय': कि प्रेम में सेवा आ आर्थिक बोझ उठाएब सही अछि? · Avonetics
प्रेम में समर्पण आ एक-दोसरक ख्याल रखब स्वाभाविक मानल जाइत अछि, मुदा जब ई समर्पण एकतरफा आ आर्थिक आ मानसिक शोषणक रूप लेबय लागैत अछि, तँ सम्बंधक नींव हिलैत देर नहि लगैत अछि। एहन ही एक हृदयविदारक कथा सोझाँ आई अछि जहाँ एक 38 बरखक महिला अपन 36 बरखक प्रेमीक गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार सँ पूरी तरह टूटि चुकल छथि।
महिलाक अनुसार, ओकर प्रेमी ओकरा सँ प्रेम तँ करैत अछि मुदा घरक कोनो काज में हाथ नहि बँटाबैत अछि। किबाड़ आ दराज खुजल छोड़ब, कपड़ा फर्श पर फेकब, आ खाली कमरे में लाइट बलैत छाड़ि देब ओकर रोजक आदत अछि। महिला कहैत छथि जे किचनक दृश्य देखि कऽ लगैत अछि जे कोनो उपद्रवी भूत ओतय सँ पार भेल होय।
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समस्या केवल घरक काज धरि सीमित नहि अछि। आर्थिक रूप सँ भी पूरा बोझ महिला पर अछि। घरक किराया, बिजली-पानीक बिल, आ राशनक टका महिला केँ ही देबय पड़ैत अछि। एतेक धरि जे प्रेमी केँ गाड़ी खरीदबाक टका जमा करय लेल महिला अपन गाड़ी भी मुफ़्त में चलाबय दैत छथि। महिलाक कहनाइ अछि जे ओ प्रेमीक प्रेमिका नहि, बल्कि ओकर माय आ नौकर बनि कऽ रहि गेल छथि।
एहि कथा पर समाज आ सम्बंध विशेषज्ञ सभक राय दू भाग में बाँटि गेल अछि। एक पक्षक कहनाइ अछि जे 36 बरखक उमेर में यदि कोनो पुरुष अपन कपड़ा आ बिल नहि उठा सकैत अछि, तँ ओ कहियो सम्बंधक जिम्मेवारी नहि उठा सकत। एक टिप्पणीकार कहलनि जे "जे अहाँ सँ प्रेम करताह ओ अहाँ केँ नौकर नहि बना कऽ राखताह। ओ अहाँक उपयोग कऽ रहल छथि कारण ओकरा सब किछु मुफ़्त में भेटि रहल अछि।"
Your brand, right here.Reach story-obsessed listeners in 45+ languages → advertise on Avoneticsदोसर पक्षक मानब अछि जे महिला केँ सोझे सम्बंध तोड़ब सँ पहिले कड़ा कदम उठाबय पड़त। ओकरा गाड़ीक चाबी छीनि लेब चाहि आ घरक बिल में आधा हिस्सा माड़ब चाहि। जब ओकर अपन जेब खाली हेतैक, तँ ओकरा जिम्मेवारीक अहसास हेतैक।
कि ई महिला एहि सम्बंध केँ एक अंतिम मौका देताह या अपन स्वाभिमान केँ चुनताह? एहि गम्भीर आ भावुक विषय पर सम्पूर्ण चर्चा सुनबाक लेल हमर पॉडकास्ट 'मनक गाँठि' सँ जुड़ू जहाँ हमर होस्ट सभ एहि उलझनक गहराइ में जा कऽ तीखा बहस कऽ रहल छथि।