युवा पीढ़ी पर दोहरा प्रहार: आर्थिक लाचारी आ अदृश्य पहरेदारीक बीच की समाप्त भऽ रहल अछि मानव सभ्यता?

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बेंड स्कूल में भेल हालिया गोलीबारी आ हिंसाक बीभत्स घटना संपूर्ण समाजक चेतना केँ हिला कऽ रख देने अछि। चारूकात एकहि प्रश्न गूँजि रहल अछि जे आखिर हमर नवयुवक सभ कोन दिशा में जा रहल छथि। आइ युवा पीढ़ी केवल शारीरिक हिंसक शिकार नहि भऽ रहल अछि, बल्कि ओ आर्थिक दिवालियापन, बेरोजगारी, मानसिक अवसाद, आ सामाजिक ढाँचा केर ध्वंस जकाँ बहुआयामी आपदाक चक्रव्यूह में फँसल अछि।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ सभक नवीन आँकड़ा आँखि खोलयबला अछि। नशा, अत्यधिक तनाव, आ आत्महत्याक कारणेँ युवा वर्गक मृत्यु दर में निरंतर वृद्धि भऽ रहल अछि। एकर सोझ असर जनसांख्यिकी पर पड़ल अछि, जतय नव पीढ़ी प्रेम, विवाह, आ संतानोत्पत्ति सँ लगभग मुँह मोड़ि चुकल अछि।
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एहि त्रासदी केँ एकटा मजदूरक विचित्र आपबीती सँ समझल जा सकैत अछि। ओहि मजदूरक पाछाँ नगरक विशाल प्रशासनिक भवन एकटा दैत्यक रूप धऽ कऽ चलैत अछि। कार्यस्थल पर दुर्घटना हो वा रस्ता पर लुटेराक भय, ई विशाल भवन अपन स्टील आ ईंटक पंजा सँ ओकर रक्षा तँ करैत अछि, मुदा ओकर संपूर्ण वैयक्तिक स्वाधीनता समाप्त कऽ दैत अछि। मजदूरक क्रंदन अछि जे ओकरा बिना कोनो पहरेदारीक मात्र एक दिन स्वच्छंद जीबय दियो। आधुनिक व्यवस्था सेहो युवा पीढ़ी केँ एहिना संरक्षणक नाम पर दबा रहल अछि।
जनता एहि यथार्थ पर दू स्पष्ट खेमा में बँटल देखाइत अछि। एक टिप्पणीकार तर्क देलथि जे जखन घर खरीदब सामर्थ्य सँ बाहर अछि, भविष्य में एआईक कारणेँ नौकरी सुरक्षित नहि अछि, आ गर्भस्थ शिशु धरि में प्लास्टिकक कण भेटि रहल अछि, तखन कोनो बच्चा केँ एहि नर्क में अनबाक अपराध किएक कयल जाय। युवा पीढ़ी अपन भविष्यक प्रति आशारहित भऽ चुकल अछि।
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मुदा दोसर टिप्पणीकार एकरा कोरा विलाप मानैत छथि। हुनकर तर्क अछि जे मानव इतिहासक सभसँ सुरक्षित आ भौतिक रूप सँ समृद्ध समय आइ अछि। प्राचीन कालक महायुद्ध आ प्लेगक विभीषिकाक बादो पूर्वज सभ संतान जननाइ बन्द नहि कयलनि। जापान जकाँ धनी देश में आबादी घटि रहल अछि, जाहि सँ सिद्ध होइत अछि जे ई आर्थिक तंगी नहि, बल्कि गर्भनिरोधकक सुलभता आ पारिवारिक उत्तरदायित्व सँ भागबाक आधुनिक जीवनशैलीक परिणाम अछि।
की हम सचमुच सभ्यताक विनाशक कगार पर छी वा ई केवल एकटा सांस्कृतिक बदलाव अछि? 'अनंत आयाम' पोडकास्टक ताजा अंक में हमर होस्ट सभ एहि संपूर्ण रहस्य आ दार्शनिक द्वंद्वक गहिराई में उतरि कऽ तीक्ष्ण विमर्श कऽ रहल छथि।