बाबाक दोसर बिआह मे १५ बरखक पोती देलक हाथ सँ बनल पावरोटीक उपहार, सहेली कहलक- 'ई तऽ मन्द उपहार अछि!'

बाबाक दोसर बिआह मे १५ बरखक पोती देलक हाथ सँ बनल पावरोटीक उपहार, सहेली कहलक- 'ई तऽ मन्द उपहार अछि!' · Avonetics
विवाह आ पारिवारिक उत्सव मे उपहार देबाक परंपरा सदिखन सँ रहल अछि। मुदा जखन उपहार मे बाज़ारक मँहग सामानक जगह हाथ सँ बनल प्रेम आ भावना शामिल भऽ जाय, तऽ ओकर मोल कि भऽ जाइत अछि?
एक १५ बरखक किशोरीक कथा आब लोकक दिल छू रहल अछि। ओ किशोरी अपन बाबाक दोसर बिआहक प्रीतिभोज लेल एकटा अनोखा उपहार सोचलनि। ओ अपन हाथ सँ साउरडो (Sourdough) पावरोटी आ ओकर खमीर (Starter) जार मे दऽ कऽ बाबा आ हुनकर नवकी पत्नी 'एमी' केँ उपहार देब चाहै छलीह।
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एहि किशोरीक बेकिंगक यात्रा हुनक स्वर्गीय दाइक संग शुरू भेल छल। हुनका लेल बेकिंग केवल खाना बनाएब नहि, अपन दिलक भावना व्यक्त करबाक तरिका अछि। संगे, हुनक परिवारक आर्थिक स्थिति किछु कठिन छल, कारण हुनकर पिता बिजली मिस्त्रीक काम कऽ कऽ १४-१४ घंटा खटैत छथि आ माय सेहो चारि बच्चाक संग घरक देखभाल करैत छथि।
मुदा जखन एहि किशोरी अपन सहेली सँ एहि उपहारक चर्चा कएलक, तऽ सहेली कहलकै जे ई बेकार उपहार अछि। ओकर कहनाइ छल जे पावरोटी तऽ दुकान सँ सेहो किनल जा सकैत अछि, बिआह मे तऽ सुंदर फोटो फ्रेम या मँहग बर्तन देब चाही।
एहि बात सँ किशोरी दुविधा मे पड़ि गेलीह आ लोक सँ राय माँगलनि।
ई कथा सोझाँ अएला पर बहुते लोक अपन प्रतिक्रिया देलनि। एक व्यक्ति कहलनि जे १५ बरखक उमेर मे हाथ सँ बनल पावरोटी देनाइ बाज़ारक कोनो फोटो फ्रेम सँ हजार गुना श्रेष्ठ अछि। हुनकर मानब छल जे बूढ़ बाबा-दादी केँ घर मे सामानक कमी नहि होइत छन्हि, हुनका लेल नाति-नतिनीक ई प्रेम ही सभ सँ बड़का उपहार अछि।
Your brand, right here.Reach story-obsessed listeners in 45+ languages → advertise on Avoneticsकिछु आन लोक सलाह देलनि जे पावरोटीक संग किछु घरक बनल जेम वा नीक पनीर जोडि देल जाय तऽ ई उपहार आओर बेसी सज धज जायत।
हालांकि, किछु लोक व्यावहारिक सलाह सेहो देलनि। एक टिप्पणीकार कहलनि जे पावरोटी देनाइ तऽ नीक अछि, मुदा खमीर (स्टारटर) एखने नहि देब चाही कारण प्रीतिभोज मे ओ खराब भऽ सकैत अछि या नवकी पत्नी केँ ओकरा सम्हाले मे परेशानी भऽ सकैत अछि।
ई कथा हमरा सभ केँ सिखाएत अछि जे उपहारक असली मोल ओकर दाम मे नहि, ओकर पछाड़ी धएल भावना मे होइत अछि।
एहि विषय पर हमर शो 'मनक गाँठि' क मेजबान सभ गहराइ सँ चर्चा कएने छथि। सुनो ई पोडकास्ट अंक आ जानू जे अंत मे कि निर्णय भेल!