थेरेपिस्ट केर एआई चेहरा खोज सँ खुलल गुप्त अतीत केर पन्ना: एक महिलाक झझकोरैत स्वीकारोक्ति

थेरेपिस्ट केर एआई चेहरा खोज सँ खुलल गुप्त अतीत केर पन्ना: एक महिलाक झझकोरैत स्वीकारोक्ति · Avonetics
डिजिटल युग मे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) केर विस्तार लोकक जीवन मे रोज नए-नए धर्मसंकट आ नैतिक सवाल खड़ा क’ रहल अछि। हाल ही मे इंटरनेट पर साझा कएल गेल एक अत्यंत व्यक्तिगत स्वीकारोक्ति मे एक महिला अपन थेरेपिस्ट केर निजी जीवन सँ जुड़ल एक गुप्त सत्य उजागर कएलक अछि, जाहि सँ इंटरनेट पर एक गभीर बहस छिड़ि गेल अछि।
महिला बतौलथि जे किछु दिन पहिले ओ एआई संचालित रिवर्स फेस सर्च टूल केर प्रयोग क’ अपन आसपासक लोक सभक इंटरनेट इतिहास खोजि रहल छलीह। ओही उत्सुकता मे ओ अपन थेरेपिस्ट केर फोटो सेहो एहि टूल मे डाललथि। टूल केर परिणाम हुनका सन् २००० केर शुरुआती दशकक एक वेबसाइट पर ल’ गेल, जहाँ सँ पता चलल जे हुनक थेरेपिस्ट अतीत मे एडल्ट फिल्म इंडस्ट्री मे सक्रिय छलीह आ हुनका एक फेमिनिस्ट अवॉर्ड सेहो भेटल छल।
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ई गुप्त सच जानलाक बाद महिला केर मन मे आश्चर्यजनक बदलाव आएल। ओ बतौलथि जे ई बात जनलाक बाद ओ अपन थेरेपिस्ट केर सामने बेसी सुरक्षित आ सहज महसूस करै लेल लगलीह। ओ बिना कोनहु संकोच या डर केर अपन पुराना मानसिक आघात आ दर्द केर बारे मे खुलकर बात क’ सकलीह, किअँ तँ हुनका लागल जे हुनक थेरेपिस्ट जिंदगी केर कटु यथार्थ केँ नीक सँ बुझैत छथि।
मुदा आब जखन ओ दोसर शहर शिफ्ट भ’ रहल छथि आ थेरेपी समाप्त भ’ गेल अछि, हुनका मन मे गभीर अपराधबोध सता रहल अछि। ओ स्वयं केँ ई सोचि क’ कोसि रहल छथि जे ओ एआई तकनीक केर प्रयोग क’ अपन थेरेपिस्ट केर निजता आ सीमा केर घोर उल्लंघन कएलक।
Your brand, right here.Reach story-obsessed listeners in 45+ languages → advertise on Avoneticsएहि स्वीकारोक्ति पर लोक सभ केर प्रतिक्रिया दुई भाग मे बटल अछि। एक टिप्पणीकार कहलथि जे बिना सहमति ककरो बायोमेट्रिक चेहरा एआई टूल मे डालब गोपनीयता केर गंभीर उल्लंघन अछि। जँ थेरेपिस्ट केँ एहि बात केर भनक लागत, तँ ई पेशेवर संबंध समाप्त करबाक ठोस कारण बनि सकैत अछि।
ओतहि दोसर टिप्पणीकार केर तर्क छल जे एहि मे कोनहु दुर्भावना नहि छल। बहुतो लोक अतीत मे विभिन्न पेशा मे रहैत छथि आ बाद मे काउंसलिंग क्षेत्र मे आबैत छथि। जँ एहि खोज सँ मरीज केँ अपन दर्द साझा करै मे मदद भेटल, तँ ई मानसिक स्वास्थ्य केर दृष्टि सँ एक सकारात्मक मोड़ छल।
एहि संवेदनशील घटना आ गोपनीयता बनाम मानवीय संवेदना केर एहि जटिल सवाल पर 'अपन डायरी' पॉडकास्ट मे कल्याणी आ उमाकांत विस्तृत चर्चा क’ रहल छथि।