ईश्वरक मौनता आ टूटल हृदयक पुकार: जखन जीवन मे सब किछु बिखरैत बुझाइत अछि

विपत्ति आर दुःखक काल मे कियैक मोन मे उठैत अछि भगवान सं शिकायत, आ राजनीतिक मंच पर दैवीय दाबी केर यथार्थ की अछि?
Maithili

ईश्वरक मौनता आ टूटल हृदयक पुकार: जखन जीवन मे सब किछु बिखरैत बुझाइत अछि · Avonetics

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Coming soon — Gabriel and Thérèse are taking this one into the studio.

जीवन मे कखनो काल एहन मोड़ अबैत अछि जखन चारू कात घोर अंधकार देखाइत अछि। मनुष्य अपन सम्पूर्ण निष्ठा सं कर्म करैत अछि, मुदा प्रतिफल मे केवल तिरस्कार, असफलता आ पीड़ा भेटैत अछि। एहन घड़ी मे मन मे ई प्रश्न उठब स्वाभाविक अछि जे की ईश्वर वास्तव मे हमर प्रार्थना सुनि रहल छथि? अथवा ओ हमरा अपन भाग्य पर छोड़ि देने छथि? एहि तरहक गहिर आंतरिक संकट सं जूझि रहल एक भक्त अपन हृदयक वेदना व्यक्त करैत कहलनि जे ओ आब प्रार्थना करब छोड़ि देलनि अछि। हुनकर मानब अछि जे प्रभु हुनकर परिश्रम केँ अनदेखा कय रहल छथि, जखन कि अन्यायी लोकनि निर्बाध रूप सं सुखी छथि। ई पीड़ा ओहि प्रत्येक मनुष्यक अछि जे कहियो न कहियो जीवनक कठिन प्रहार सं पराजित महसूस कएलक अछि। मुदा समाज मे एकर प्रतिक्रिया दुई खेमा मे विभक्त देखल गेल। एक व्यक्ति कहलनि जे दुःखक समय मे ईश्वर मनुष्यक सबसँ निकट होइत छथि। शास्त्र केर वचन अछि जे प्रभु टूटल मन बला लोकक रक्षा करैत छथि। ओ अपन जीवनक उदाहरण दैत कहलनि जे गम्भीर बीमारी आ बेरोजगारीक उपरांत सेहो हुनकर प्रार्थना अंततः रंग अनलक, एहि लेल धैर्य नहि खोबय के चाही। दोसर कात, एक अन्य टिप्पणीकार ई तर्क देलनि जे संसार मे सतमार्गी लोकनि सदिखन कष्ट भोगलनि अछि। इतिहास गवाह अछि जे संत यूहन्ना बपतिस्ता सं ल कय प्रभु यीशु धरि सबहक जीवन यातना सं भरल छल। हुनकर अनुसार ईश्वरक योजना कें बुझब मनुष्यक क्षमता सं बाहर अछि, आर दुःखक अर्थ ई नहि जे मनुष्य दोषी अछि। एहि बीच राजनीतिक गलियारा मे ईश्वरक नाम पर भयंकर दाबी कएल जा रहल अछि। उत्तरी कैरोलिना मे आयोजित एक राजनीतिक रैली मे पूर्व राष्ट्रपति ट्रम्प केर समर्थन मे एकटा वीडियो देखाओल गेल, जाहि मे कहल गेल जे ईश्वर स्वयं हुनका नेतृत्व लेल पठओलनि अछि। एकर विरोध करैत आलोचक लोकनि कहलनि जे धर्म केँ राजनीतिक सत्ताक साधन बनेबाक चेष्टा अनुचित अछि। आस्थाक ई द्वंद्व—एक दिस टूटल हृदयक अश्रुपूर्ण प्रश्न आ दोसर दिस सत्ताक अहंकार मे ईश्वरक उद्घोष—हमरा एहि बात पर विचार करवाक लेल विवश करैत अछि जे साँच मे ईश्वर कतय छथि। की ओ राजनीतिक मंचक गर्जना मे छथि, अथवा ओहि मौन प्रार्थना मे जे दुःखक दलदल मे सं उठैत अछि? हमर पोडकास्टक प्रस्तोता लोकनि एहि मर्मस्पर्शी विषय पर विस्तार सं विचार-विमर्श करैत छथि आर सांत्वनाक मार्ग खोजैत छथि।

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