अंतर्मनक अपराधबोध सं प्रभु केर अनुकम्पा धरि: एक सत्य यात्रा

अंतर्मनक अपराधबोध सं प्रभु केर अनुकम्पा धरि: एक सत्य यात्रा · Avonetics
ईश्वरक घर में प्रवेश करबाक काल सब सं पैघ बाधा बाह्य संसार नै, बल्कि अंतर्मनक अपराधबोध बनैत अछि। जखन कोनो विश्वासी अपन अतीत केर भयंकर भूल सभक संग मण्डलीक सोझां अबैत अछि, तखन ओकरा लागैत अछि जे की ओ वास्तव में एहि पवित्रताक योग्य अछि? एक साधिका अपन हृदयक पीड़ा व्यक्त करैत कहलनि जे ओसीआईए संस्कार सं जुड़लाक बादो हुनका अपन अतीत केर दू टा गर्भपातक कारण भीतर सं ढोंगी भेल आभास होइत अछि। समुदायक प्रतिक्रिया में एक जन कहलनि जे मण्डली सिद्ध लोकनिक मंदिर नै, बल्कि पाप सं घायल आत्मा सभक लेल एकटा आध्यात्मिक अस्पताल अछि। प्रभु यीशु ओहि ठाम अबैत छथि जतय घाव सब सं गहीर होइत अछि। स्वीकारोक्ति आ पश्चाताप ओहि अन्हार केँ निर्मल प्रकाश में बदलि दैत अछि, जतय अपराधबोधक स्थान प्रभु केर अनुग्रह ल' लैत अछि। दोसर दिस, जीवनक कष्ट केवल आत्मिक नै, शारीरिको रूप में सोझां अबैत अछि। चर्चक एक बुजुर्ग सदस्या क्यारोल, जे क्यान्सर मुक्त भेलाक बादो उपचारक दुष्परिणाम सं पीड़ित छथि, ओहो एहि बातक साक्षी छथि जे मानव देह कतेक दुर्बल अछि। शारीरिक रोग हो वा मानसिक यंत्रणा, ई सभ मनुष्य केँ प्रार्थना आ परस्पर प्रेमक सूत्र में बान्हैत अछि। पोडकास्ट 'रिमेम्बरिंग बेंजामिन — मैथिली' केर प्रस्तुत कड़ी में दुनू प्रस्तुतकर्ता एहि मर्मस्पर्शी यात्रा, क्षमा केर दिव्य सामर्थ्य आ बेंजामिन भो केर अनन्त पावन स्मृति पर गहन आत्मीय चर्चा करैत छथि।