4 प्रतिशत का अप्रेजल या 30 प्रतिशत का जंप? कॉरपोरेट वफादारी के नाम पर बड़ा छलावा!

4 प्रतिशत का अप्रेजल या 30 प्रतिशत का जंप? कॉरपोरेट वफादारी के नाम पर बड़ा छलावा! · Avonetics
Sony WH-1000XM5 headphones
Whether you work in a noisy office or travel often, Sony WH-1000XM5 headphones deliver outstanding noise cancellation and exceptional comfort. They are ideal for anyone who wants to stay focused or enjoy rich, detailed audio anywhere. Check out the link in the episode description.
Learn more →
क्या आप भी अपनी कंपनी में सालों से डटे हुए हैं और हर साल मिलने वाले 4 या 5 प्रतिशत के अप्रेजल से खुद को बहला रहे हैं? कॉरपोरेट जगत का एक ऐसा सच सामने आया है जो आपको अपनी करियर रणनीति पर दोबारा सोचने के लिए मजबूर कर देगा।
10 वर्षों तक एक ही संस्थान में काम करने वाले एक उच्च प्रदर्शन करने वाले कर्मचारी को हाल ही में छंटनी के दौरान निकाल दिया गया। लेकिन असली झटका तब लगा जब उसे दूसरी कंपनी में एक 'जूनियर' पद के लिए 15,000 डॉलर अधिक वेतन की पेशकश की गई। उससे भी ज्यादा दुखद यह था कि उसकी पुरानी कंपनी भी अब उसी पद पर बाहर से आने वाले नए कर्मचारियों को पहले से कहीं ज्यादा सैलरी दे रही थी।
Read nextड्रिल्स का चमत्कार या नेचुरल इंस्टिंक्ट? बीच वॉलीबॉल में कैसे लाएं स्लो-मोशन कंट्रोल
कॉरपोरेट विशेषज्ञों के अनुसार, यह कोई इत्तेफाक नहीं बल्कि कंपनियों की सुविचारित वित्तीय रणनीति है। कंपनियां जानती हैं कि मौजूदा कर्मचारी अक्सर लोन, परिवार और कम्फर्ट ज़ोन के कारण आसानी से नौकरी नहीं छोड़ते। इसलिए उनके लिए 'रिटेंशन बजट' बहुत कम रखा जाता है। वहीं दूसरी ओर, बाजार से नए प्रतिभाओं को छीनने के लिए कंपनियां भारी-भरकम 'एक्विजिशन बजट' का इस्तेमाल करती हैं।
एक अनुभवी कॉरपोरेट पेशेवर का कहना है कि यदि कोई कर्मचारी हर तीन से चार साल में नौकरी नहीं बदलता, तो वह अपने जीवनकाल में लाखों डॉलर का नुकसान उठाता है। उदाहरण के लिए, एक ही पद पर काम कर रही एक महिला को 5 साल में केवल 4% की बढ़ोतरी मिली, जबकि उसकी कम अनुभवी सहेली ने दूसरी कंपनी जॉइन करके 30% अधिक वेतन हासिल किया।
Our Place Wonder Oven
Air fry, bake, roast, toast, broil, and reheat in one compact countertop oven designed for fast, flexible meals without crowding your kitchen space.. RAPID HEAT PERFORMANCE: Prehea…
See it →
इसके साथ ही, करियर सलाहकारों ने जॉब रेफरल को लेकर भी बड़ी हिदायत दी है। अगर आप किसी कंपनी में काम कर रहे अपने जानकार से रेफरल चाहते हैं, तो गलती से भी पोर्टल पर पहले आवेदन न करें। एक बार पोर्टल पर फॉर्म भरने के बाद सिस्टम रेफरल को स्वीकार नहीं करता और आप रेफरल के जरिए मिलने वाले इंटरव्यू के मौके से चूक जाते हैं।
क्या आपकी वफादारी आपका ही नुकसान कर रही है? इस संवेदनशील और अहम मुद्दे का पूरा विश्लेषण सुनने के लिए जुड़िए आदित्य और श्वेता के साथ 'कॉरपोरेट राज़' के ताजा एपिसोड में।