ग्रीनलैंडक बर्फ पर राजनीतिक गर्माहट: डेनमार्कक सैन्य भर्ती सँ अमेरिका धरि खलबली

नाटो सहयोगी देश सभ मे अविश्वास आ आर्कटिक सुरक्षाक चिंता केँ देखैत डेनमार्क अपन सैनिक सभ केँ ग्रीनलैंड पठेबाक अभूतपूर्व फैसला लेलक अछि।
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वैश्विक राजनीति मे कहियो-कहियो एहन मोड़ आबैत अछि जे इतिहासक धारा केँ बदलि क' रखि दैत अछि। डेनमार्क सरकार द्वारा १६०० नागरिक सभ केँ सेना मे अनिवार्य भर्ती क' क' ग्रीनलैंड पठेबाक निर्णय अंतरराष्ट्रीय गलियारा मे भारी चर्चाक विषय बनि गेल अछि। जे उत्तर अटलांटिक क्षेत्र मे दशकों सँ शांति आ सहयोगक माहौल छल, ओतय आब सैन्य जमावड़ाक खबरि सभ केँ हैरान क' देलने अछि।

विशेषज्ञ सभक माननाय अछि जे ई कदम केवल एकटा सामान्य सैन्य अभ्यास नहि अछि। अमेरिकी राजनीति मे ट्रम्पक संभावित वापसी आ ग्रीनलैंड पर अधिकार जमाएबाक ओकर पुराना बयान सभ सँ यूरोपीय देश सभ मे भारी असुरक्षाक भावना उत्पन्न भ' गेल अछि। दस वर्ष पहिने जे बात असंभव आ हास्यास्पद लगैत छल, आई ओहा यथार्थ बनि क' सामने आबि रहल अछि। नाटो क एकटा मुख्य सदस्य देश अपन ही सबसे पैघ सहयोगी सँ अपन क्षेत्रक रक्षा लेल सैनिक तैनात क' रहल अछि।

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हालांकि, डेनमार्कक आंतरिक सैन्य व्यवस्था केँ समझैत किछु विश्लेषक ई तर्क दैत छथि जे एहि नीतिकेँ केवल अमेरिकी हमलेक डर सँ जोड़ब उचित नहि हेतै। डेनमार्क मे सैन्य सेवा लेल एकटा लाल लटरी (red tombola) प्रणाली अछि, आ अधिकांशतः स्वयंसेवक नागरिक सभ सँ ही सेनाक आवश्यकता पूरा भ' जाइत अछि। एहि सँ पहिने महिला सभ केँ एहि मे अनिवार्य मूल्यांकन सँ छूट छल, मुदा आब नया कानूनक तहत सब केँ शामिल कएल गेल अछि। ई विधायी परिवर्तन काफी समय सँ प्रक्रिया मे छल।

एक टिप्पणीकार एहि पर कहलनि जे यदि अमेरिका अपन मित्र देश सभ पर दबाव बनाओत आ संप्रभुताक उल्लंघन करत, तँ सम्पूर्ण यूरोप केँ एकजुट भ' क' अमेरिकी व्यापारक बहिष्कार करबाक लेल तैयार रहनाइ चाही। ओतही दोसर विश्लेषक तर्क देलनि जे ई फैसला कूटनीतिक रूप सँ अमेरिका केँ एकटा कड़ा संदेश देबा लेल अछि, मुदा वास्तविक युद्धक संभावना बहुत कम अछि।

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सब सँ दिलचस्प बात ई अछि जे ग्रीनलैंड आ फेरो द्वीपसमूहक मूल निवासी सभ केँ एहि भर्ती प्रक्रिया सँ मुक्त राखल गेल अछि। जे क्षेत्र मुख्य संघर्षक केंद्र बनि सकैत अछि, ओतुक लोक सभ केँ सैन्य सेवा सँ बाहर राखब कएकटा सवाल खड़ा करैत अछि।

की ई कदम केवल कूटनीतिक शक्ति प्रदर्शन अछि या आर्कटिक महाद्वीप मे एकटा पैघ सैन्य संघर्षक आहट? एहि संपूर्ण घटनाक्रमक भू-राजनीतिक असर आ सामाजिक कोण पर 'चर्चा चौपाल' क शो मे वैदेही आ तारानंद विस्तार सँ विमर्श क' रहल छथि।

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