सफलताक बादो जखन काम मे मन नहि लागै: एक उद्यमीक बर्नआउट आ ओकर समाधान

सफलताक बादो जखन काम मे मन नहि लागै: एक उद्यमीक बर्नआउट आ ओकर समाधान · Avonetics
बिजनेस शुरू करब आ ओकरा सफलताक ऊंचाई पर ले जाएब हर उद्यमीक सपना होइत अछि। मुदा ओही सफलताक बीच एकटा एहन समय आबैत अछि जखन अहाँक सब किछु नीक चलला के बादो काम करबाक मन नहि करैत अछि। बिक्री भऽ रहल अछि, क्लाइंट खुश छथि, मुदा उद्यमीक भीतरक ओ पुरानी ऊर्जा आ जुनून गायब भऽ जाइत अछि।
एहन स्थिति सँ निपटबाक लेल उद्यमी जगत मे दुई तरहक विचारधारा देखबा लेल मिलैत अछि। पहिल विचारधारा कऽ लोक मानैत छथि जे प्रेरणाक प्रतीक्षा करब बेकार अछि। एक व्यवसायीक अनुसार, प्रेरणा वाई-फाई जका अछि जे जरूरत पर अक्सर गायब भऽ जाइत अछि। एही लेल प्रेरणाक बाट नहि ताकि कऽ बस एकटा छोट काम सँ शुरुआत करबाक चाही। जखन अहाँ एकटा छोट काज पूरा करैत छी, तऽ काम कऽ गति अपने सँ आबि जाइत अछि।
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ओतही दोसर तरफ, एहन लोक सेहो छथि जे ई मानैत छथि जे काम मे मन नहि लागब बर्नआउट कऽ स्पष्ट संकेत अछि। एक अनुभवी उद्यमीक तर्क छै जे जखन दिमाग पूरी तरह थकि जाए, तखन जबरदस्ती काम करबा सँ केवल नुकसान होइत अछि। एहन समय मे बिजनेस सँ किछु दिन लेल ब्रेक लेब आ नव अनुभव प्राप्त करब जरूरी अछि। नव लोक सँ मिलब, घूमब आ कला आ संस्कृति सँ जुड़ब दिमाग के नव ऊर्जा देैत अछि।
किछु लोकक ई सेहो कहब अछि जे जखन अहाँक बिजनेस बड़ भऽ जाए, तऽ अहाँ के काम अपन कर्मचारी सभ के सौंपि देवाक चाही। अपन थकावट के दूर करबा लेल स्वयं के नव आ चुनौतीपूर्ण काज मे लगाऊ।
Your brand, right here.Reach story-obsessed listeners in 45+ languages → advertise on Avoneticsकी जबरदस्ती काम करब सही अछि वा ब्रेक लेब? एही प्रश्नक उत्तर हर उद्यमीक परिस्थिति पर निर्भर करैत अछि।
एही विषय पर विस्तार सँ चर्चा आ दुनू दृष्टिकोणक बहस सुनबा लेल उद्यम उड़ान पॉडकास्टक ताजा एपिसोड जरूर सुनो।