सैलरी हाइक का छलावा: एक ही कंपनी में 10 साल बिताने के बाद खुला एचआर का राज!

सैलरी हाइक का छलावा: एक ही कंपनी में 10 साल बिताने के बाद खुला एचआर का राज! · Avonetics
Sticky Bra Push Up
Sticky Bra Push Up - 2 Pairs Backless Strapless Bra Invisible Adhesive Bras for Wedding Prom with Nipple Pasties · Home
See it →
कॉरपोरेट जगत में वफादारी को हमेशा एक महान गुण माना गया है, लेकिन जब बात बैंक बैलेंस की आती है, तो यह गुण अक्सर एक बड़ा नुकसान साबित होता है। हाल ही में सामने आए एक मामले ने यह साबित कर दिया है कि क्यों आज की पीढ़ी एक ही जगह टिकने के बजाय जॉब हॉप्पिंग को तवज्जो दे रही है।
एक अनुभवी पेशेवर ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उसने एक प्रतिष्ठित कंपनी में 10 साल तक अपनी सेवाएं दीं। वह हर साल बेहतरीन प्रदर्शन करता रहा और उसे कंपनी का सबसे बड़ा हाइक भी मिला। लेकिन जब उसे छंटनी के कारण बाहर होना पड़ा और उसने दूसरी जगह आवेदन किया, तो उसे वही काम करने के लिए जूनियर रोल में 15,000 डॉलर अधिक का पैकेज मिला।
Read nextड्रिल्स का चमत्कार या नेचुरल इंस्टिंक्ट? बीच वॉलीबॉल में कैसे लाएं स्लो-मोशन कंट्रोल
इस खुलासे ने दफ्तरों में होने वाली आंतरिक राजनीति और बजट आवंटन की पोल खोल दी है। कॉरपोरेट मामलों के जानकार बताते हैं कि कंपनियां मौजूदा कर्मचारियों की सैलरी बढ़ाने में कंजूसी करती हैं क्योंकि उन्हें पता होता है कि कर्मचारी आसानी से नौकरी नहीं छोड़ते। इसके विपरीत, बाजार से नए टैलेंट को खींचने के लिए कंपनियों के पास 'एक्सटर्नल रिक्रूटमेंट' का अलग और बड़ा बजट होता है।
इस स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए एक विशेषज्ञ ने टिप्पणी की कि जो कर्मचारी 5 साल से ज्यादा एक ही जगह रहते हैं, वे बाजार दर से 20 से 30 प्रतिशत कम वेतन पर काम कर रहे होते हैं। हालांकि, कुछ लोगों का मानना यह भी है कि बार-बार नौकरी बदलने से रिज्यूमे में अस्थिरता दिखती है, जिससे भविष्य में बड़े लीडरशिप रोल मिलने में दिक्कत आ सकती है।
BAMBOO COOL Men's Underwear Breathable Boxer
BAMBOO COOL Men's Underwear Breathable Boxer Briefs with Fly Moisture-Wicking Lightweight Underwear 7-Pack · Home
See it →
कहानी का दूसरा पहलू जॉब रेफरल से जुड़ा है। अधिकांश युवा नौकरी के लिए पोर्टल पर अप्लाई करने के बाद नेटवर्क में मौजूद लोगों से रेफरल मांगते हैं, जो कि पूरी तरह गलत तरीका है। आवेदन करने से पहले रेफरल न लेने पर सिस्टम उस आवेदन को सामान्य श्रेणी में डाल देता है, जिससे रेफरल का कोई फायदा नहीं मिलता।
क्या कॉरपोरेट की यह नीति कर्मचारियों के साथ अन्याय है? आदित्य और श्वेता इस पूरे विषय पर तीखी बहस कर रहे हैं हमारे विशेष पॉडकास्ट 'कॉरपोरेट राज़' पर।