लाइव चैट पर चीख-पुकार से तंग दर्शक: क्या खत्म हो रहा है राजनीतिक स्ट्रीमर्स का जादू?

अहंकार और तीखी बहसों के बीच दर्शकों ने ज्ञान बांटने वाले चैनलों को अनसब्सक्राइब कर कॉमेडी पॉडकास्ट का रुख किया।
Hindi

लाइव चैट पर चीख-पुकार से तंग दर्शक: क्या खत्म हो रहा है राजनीतिक स्ट्रीमर्स का जादू? · Avonetics

🎧 Podcast episode
Coming soon — राहुल & श्वेता are taking this one into the studio.
SponsoredAs an Amazon Associate, Avonetics earns from qualifying purchases. Apple iPhone 15 6.7inch Super Retina XDR display. Aluminum with color-infused glass back. Ring/Silent switch. Dynamic Island. A magical way to interact with iPhone. A16 Bionic chip with 5-core GPU… See it →

डिजिटल मनोरंजन के दौर में दर्शकों की पसंद तेज़ी से बदल रही है। कुछ समय पहले तक जो दर्शक तीखे राजनीतिक विश्लेषण और आक्रामक बहसों के दीवाने थे, अब वही दर्शक इन सबसे तंग आकर राहत की सांस तलाश रहे हैं।

हाल ही में एक पुराने दर्शक ने इंटरनेट पर अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि कैसे एक लोकप्रिय स्ट्रीमर का अंध-समर्थन करना उसके लिए मानसिक रूप से भारी पड़ने लगा। हर बात पर अड़ जाना, कभी माफी न मांगना और अपनी ही लाइव ऑडियंस पर चिल्लाना अब कई बड़े डिजिटल इन्फ्लुएंसर्स की पहचान बन चुका है।

Read nextड्रिल्स का चमत्कार या नेचुरल इंस्टिंक्ट? बीच वॉलीबॉल में कैसे लाएं स्लो-मोशन कंट्रोल

उस दर्शक का कहना है कि जब उसे अहसास हुआ कि मनोरंजन के नाम पर केवल तनाव और आधा-अधूरा सच परोसा जा रहा है, तो उसने तुरंत उस प्लेटफॉर्म से दूरी बना ली। उसने दोबारा अपने पसंदीदा पुराने कॉमेडी टॉक शो को देखना शुरू किया, जहाँ गंभीर तनाव के बजाय केवल मज़ाक और हल्की-फुल्की बातचीत होती है।

इस अनुभव पर अन्य दर्शकों ने भी अपनी सहमति जताई है। एक व्यक्ति ने टिप्पणी की कि जब से कॉमेडी शोज़ ने ज्ञान देना बंद किया है, उनका मज़ा दोगुना हो गया है। नए कलाकारों की एंट्री और लाइव ऑडियंस कॉल्स ने शो को पहले जैसा दिलचस्प बना दिया है।

SponsoredAs an Amazon Associate, Avonetics earns from qualifying purchases. Apple iPad Early 2018 9.7" Multi-Touch Retina Display 2048 x 1536 Screen Resolution (264 ppi). Apple A10 Fusion SoC and M10 Coprocessor 4G LTE | 802.11ac Wi-Fi | Bluetooth 4.4. Front 1.2MP FaceTime HD C… See it →

वहीं एक अन्य यूज़र ने लिखा कि दिनभर की कड़ी मेहनत के बाद कोई भी स्क्रीन पर आकर लेक्चर नहीं सुनना चाहता। लोग हंसना चाहते हैं और उन चीज़ों का आनंद लेना चाहते हैं जो चेहरे पर मुस्कान लाएं।

हालांकि कुछ आलोचकों का तर्क है कि गंभीर मुद्दों से पूरी तरह आंखें मूंद लेना भी सही नहीं है, लेकिन आम राय यही बन रही है कि मनोरंजन के मंच को अखाड़ा नहीं बनना चाहिए।

'मसाला टॉक्स' के ताज़ा एपिसोड में राहुल और श्वेता ने इस विषय पर एक धमाकेदार और मज़ेदार बहस की है।

SponsoredAs an Amazon Associate, Avonetics earns from qualifying purchases. Apple iPhone 12 Mini This phone is unlocked and compatible with any carrier of choice on GSM and CDMA networks (e.g. AT&T, T-Mobile, Sprint, Verizon, US Cellular, Cricket, Metro, Tracfone, Mint Mobile… See it →
0:00
0:00
Link copied ✓